यूनियन जेक का प्रभाव कितना गहरा है इसका पता यूनियन कार्बाइड के "अर्जुन-राजीव गाँधी गैस लीक परियोजना" से स्पष्ट होता है. १८८५ मैं अंग्रेजों से समझौते कर अंग्रेजी राज को सुचारू रूप से चलाने के लिए बना स्वार्थी लोगों का संगठन आज तक इन गोरी चमड़ी वालों के हितों के रक्षक बना हुआ हैं. इन १२५ साल के इतिहास मैं भारत और इसके लोगों के लिए क्या कुछ नहीं किया इस संगठन ने, पर सबसे बड़ा कार्य तो भोपाल मैं १९८४ मैं किया.. यद्यपि १९८४ मैं एक और कार्य किया था, एक बहादुर और देशभक्त कौम के निरपराध लोगों को दिल्ली और अन्य स्थानों पर सड़कों पर दौड़ा-दौड़ा कर छतों से फैक कर, जिन्दा जला कर देश के लिए शहीद होने वाली अपनी मुखिया को सच्ची श्रद्धान्जली दी थी और उस समय के कार्यकारी महोदय ने बड़े दरख़्त के गिरने पर होने वाले धमाके की संज्ञा दे कर श्रद्धान्जली को सही अर्थों मैं देश के सामने प्रस्तुत किया था | अकेले दिल्ली मैं ही लगभग ४००० सिक्खों की बली दी गयी थी उस देवी को !!
उसी वर्ष जब कार्यकारी जी अधिकारी बन गए तो उनकी देखरेख मैं २०,००० आत्माओं और ५,००,००० जीवों के उद्दारक जो अंकल सेम का प्रतिनिधि था को राजकीय सम्मान के साथ हमारे देश से विदा किया जिसका आज तक ये देश और अंकल सेम भी ऋणी है !!